मंगलवार, 1 अप्रैल 2014

अप्रैल फूल 


एक दिन नेताजी से 
पूछा हमने-
"आज कौनसी तारीख?"
नेताजी बोले-
"एक अप्रैल"
तीन दिन बाद वो फिर मिले 
हमने फिर से पूछा -
"आज कौनसी तारीख?"
वो बोले-"एक अप्रैल।"
कुछ दिन बाद वो फिर मिले 
फिर से हमने पूछा-
"आज कौनसी तारीख?"
मुस्कराते हुए बोले-
"एक अप्रैल।"
जब भी हमने ये सवाल दोहराया 
हमेशा एक अप्रैल उत्तर ही पाया 
हम चकरा गए 
थोडा घबरा गए 
"ये क्या है माजरा 
हमें भी बताओ जरा?"
मुस्कराते हुए बोले नेताजी -
"एक अप्रैल को लोग 
'मूर्ख दिवस' मनाते हैं 
एक दूसरे को 
मूर्ख बनाते हैं 
हम तो रोज ही 
इस देश की जनता को 
मूर्ख बनाते हैं और 
रोज 'अप्रैल फूल' मनाते हैं.
अपना तो यही है खेल 
हर दिन है हमारा एक अप्रैल!!"

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