मैं भी सोचूं तू भी सोच
बुधवार, 4 सितंबर 2013
गुरुवार, 22 अगस्त 2013
तेरा क्या होगा रे !!!
अब केवल तू हवा
खायेगा, तेरा
क्या होगा रे!!!
टाटा मोटा, बिरला मोटा, मोटा होता अम्बानी,
तुमको ही है छोटा होना, तेरा क्या होगा रे!!!
मोदी बोले, अन्ना बोले, दिग्गी राजा बोल रहे
इन सबकी बोला बोली में, तेरा क्या होगा रे!!!
पांच साल का मेहमाँ
देखो, एक बार फिर से
आया
होगा अतिथि अब भी देव तो, तेरा क्या होगा
रे!!!
देखी लड़की, आँख भी फड़की, जोर की यारी चल निकली
जब होगा ये बटुआ खाली, तेरा क्या होगा रे!!!
शुक्रवार, 17 मई 2013
क्या करेगी मेनका!!!
इंद्र के दरबार से एक दिन
मेनका आई
देखकर मुझे
वो मुस्कराई
मैंने पूछा -
सुन ओ मेनका रानी!
किसकी शामत है आई
जो पड़ी है इस धरती पर
तेरी परछाई
करते हुए ठिठोली
मेनका बोली
इस बार तेरा ही नंबर आया है
इंद्र देव ने मुझे
तेरे लिए ही भिजवाया है
पर तुझे देखकर तो लगता है ऐसा
कि यह मेरे हुश्न का अपमान है,
मैं हूँ राज भोज तो तू
गंगू तेली समान है.
फिर तरह तरह से मेनका
केबरे करने लगी
देखकर उसको दिशाएँ
आहे भरने लगी
पर मैं नही रीझा
ना ही मेरा दिल पसीजा
आखिर मेनका हार गई
पुनः स्वर्ग सिधार गई
पर जाते जाते बोली
हे मानव!
तपस्या कैसी है यह तेरी
जो मेहनत व्यर्थ हो गई
सारी की सारी मेरी
हमने कहा-
सुन ओ मेनका रानी
वो विश्वामित्र तो करता था तपस्या
इन्द्रासन के लिए
इसलिए बेचारा फंस गया
और तेरा जादू गया
पर यहाँ तो हम करते है तप कठोर
ताकी दिन भर के मेहनत के बाद
मुंह में चले जाए रोटी के कुछ कौर
इसलिए तू तो क्या
तेरे जैसी कई मेनकाएँ आएगी और जाएगी
पर हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पायेगी।
शनिवार, 9 मार्च 2013
तो क्या बात थी...
घर पर कभी आते, तो क्या बात थी...
आकर ज़रा बतियाते तो क्या
बात थी..
मैं कहता, तुम सुनती, तुम
कहती, मैं सुनता
फिर हम मुस्कराते, तो क्या
बात थी..
कहते हैं तुमको देखकर,
धडकते है दिल,
इधर भी धड़का जाते, तो क्या
बात थी..
दुनिया ने बनाये हैं पेचीदे
रास्ते,
तुम दिल के रस्ते आते, तो
क्या बात थी..
सुना है प्यार तुमको, हमसे
भी था बहुत,
शादी से पहले बताते, तो
क्या बात थी..
वादे तो कई बार अक्सर तुमने
किये है,
एक बार निभा जाते, तो क्या
बात थी...
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