उसे उधार दो....
एक मित्र ने हमसे कहा-
‘अम्मा यार,
एक सज्जन
रोज मेरे घर आते हैं,
चाय नाश्ते के साथ
दिमाग भी खाते हैं.
कोई उपाय बतलाओ
हमें उनसे छुटकारा दिलवाओ.’
हमने कहा-
‘ऐसा करो मेरे यार
उसे दे दो तुम
कुछ रूपये उधार
फिर देखना
ऐसी राहत मिल जाएगी.
वह तो क्या
उसकी परछाई भी
तुमारे पास नहीं आएगी.!!!
Lajawab
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
हटाएंअगर उधार देने से किसी का उद्धार होता है तो इसमें बुराई क्या है भाई...
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